Religious Conflict In Chhattisgarh -कांकेर में धर्मांतरण और शव दफन को लेकर बवाल: चर्च में तोड़फोड़, कब्र से निकाली गई लाश, हत्या की आशंका
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नरहरपुर थाना क्षेत्र में धर्मांतरण और गांव में ईसाई रीति से शव दफनाने को लेकर जबरदस्त बवाल मच गया। मृतक सोमलाल राठौर की कब्र से पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में शव निकाला गया, वहीं सैकड़ों ग्रामीणों ने चर्च और ईसाई परिवारों के घरों में तोड़फोड़ की।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर बहस तेज हो गई है।

❖ क्या है पूरा मामला?
मृतक सोमलाल राठौर (40) निवासी जामगांव की 26 जुलाई 2025 को मौत हो गई थी। परिजनों ने 27 जुलाई को ईसाई धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार कर गांव में ही दफना दिया। जानकारी मिलते ही गांव के सैकड़ों लोग उग्र हो गए और उन्होंने 28 जुलाई को चर्च में लाठी-डंडों के साथ पहुंचकर तोड़फोड़ की।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव के अंदर शव दफनाने से ‘देव प्रथा’ और पारंपरिक नियमों का उल्लंघन हुआ है। वे शव को गांव के बाहर ले जाकर पुनः अंतिम संस्कार की मांग कर रहे थे।
❖ कब्र से निकाला गया शव, हत्या की जताई गई आशंका

बवाल बढ़ने पर प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए कब्र से शव निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतक के बड़े भाई भुनेश्वर राठौर का कहना है कि सोमलाल की हत्या की गई है और फिर धर्मांतरण के कारण चोरी-छिपे दफनाया गया।
उनका यह भी कहना है कि भाई ने 3 साल पहले ईसाई धर्म अपनाया था, लेकिन परिवार और ग्रामीणों को इस अंतिम संस्कार की कोई सूचना नहीं दी गई थी।
❖ भीड़ का कहर: चर्च और घरों में तोड़फोड़
लगभग 500 से 1000 ग्रामीणों की भीड़ ने जामगांव में स्थित चर्च और ईसाई परिवारों के घरों में तोड़फोड़ की। सामान और बर्तन बाहर फेंक दिए गए, कुछ ने दीवारों पर चढ़कर हमला किया।
इस हिंसा की वीडियो फुटेज भी सामने आई है, जिसे पुलिस द्वारा संज्ञान में लिया गया है।
❖ प्रशासन और पुलिस की स्थिति

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कांकेर कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने बताया कि SDM की निगरानी में शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया है।
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कांकेर SP आईके एलिसेला ने पुष्टि की कि मामले में हत्या की आशंका और चर्च में तोड़फोड़ की जांच जारी है।
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दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

❖ सरपंचों का बयान
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जामगांव की सरपंच भगवती उइके और घोटियावाही के सरपंच राजेंद्र मरकाम ने कहा कि गांव की परंपरा के खिलाफ जाकर बिना सूचना शव को गांव में दफनाना गलत है।
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इससे गांव की ‘शुद्धता’ और सामाजिक संतुलन पर असर पड़ता है।
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