Trump on India-Pakistan War-
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस के जॉइंट सेशन में भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने मध्यस्थता नहीं की होती, तो यह संघर्ष न्यूक्लियर वॉर में बदल सकता था और 3.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती थी। हालांकि उनके बयान के बाद यह भ्रम फैल गया कि उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौत का जिक्र किया है।

#WATCH | Addressing the 2026 State of the Union, United States President Donald Trump says, “… In my first 10 months, I ended eight wars… Pakistan and India would have had a nuclear war. 35 million people said the Prime Minister of Pakistan would have died if it were not for… pic.twitter.com/GnrgJKtjID
— ANI (@ANI) February 25, 2026
ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर क्या कहा?
अपने संबोधन में ट्रंप ने दावा किया:
“मेरे पहले 10 महीनों में मैंने 8 युद्ध खत्म किए… पाकिस्तान और भारत के बीच न्यूक्लियर वॉर हो सकता था। 35 मिलियन लोग कहते हैं कि अगर मैं बीच में नहीं आता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मारे जाते।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने दुनिया के कई देशों के बीच तनाव कम करने में भूमिका निभाई है और वैश्विक शांति बनाए रखने के लिए प्रयास किए हैं।

आखिर ‘3.5 करोड़ लोगों की मौत’ वाले बयान का सच क्या है?
विश्लेषकों और स्पीच ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार, ट्रंप के बयान में शब्दों को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
असल में उनका इशारा उस दावे की ओर था, जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा था कि अगर संघर्ष बढ़ता, तो 3.5 करोड़ लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
लेकिन ट्रंप के बोलने के तरीके से ऐसा लगा जैसे वे सीधे शहबाज शरीफ की मौत का जिक्र कर रहे हों, जिससे मीडिया और सोशल मीडिया पर गलतफहमी फैल गई।
न्यूक्लियर वॉर की आशंका का भी किया जिक्र
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव गंभीर था और यह परमाणु युद्ध में बदल सकता था। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की कूटनीतिक भूमिका से स्थिति को नियंत्रित किया गया।
हालांकि, इस दावे को लेकर भारत या पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सोशल मीडिया और मीडिया में क्यों फैली भ्रम की स्थिति?
ट्रंप के बयान के बाद कई मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में इसे इस तरह पेश किया गया कि उन्होंने कहा कि “पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मर जाते।”
लेकिन स्पीच के विस्तृत संदर्भ से स्पष्ट होता है कि उनका इशारा संभावित बड़े पैमाने पर जनहानि की ओर था, न कि सीधे प्रधानमंत्री की मौत की ओर।
