Rafale Fighter Jet Deal 2026:
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 18 से 20 फरवरी तक भारत दौरे पर रहेंगे, जहां वे AI समिट में हिस्सा लेंगे। इसी बीच रक्षा मंत्रालय की अहम बैठक में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर चर्चा होने की खबर है। अगर यह डील आगे बढ़ती है, तो भारतीय वायुसेना (IAF) की क्षमता में बड़ा विस्तार हो सकता है।

रक्षा अधिग्रहण परिषद की अहम बैठक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक फरवरी के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में करीब ₹32 लाख करोड़ (मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार) की लागत से 114 राफेल विमान खरीदने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है।
आधिकारिक पुष्टि अभी लंबित है; विस्तृत जानकारी मंजूरी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
क्या है प्रस्ताव?
इस समझौते के तहत खरीदे जाने वाले 114 राफेल विमानों में से लगभग 80 फीसदी का निर्माण भारत में ही किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार इस परियोजना के तहत भारतीय वायु सेना को 88 सिंगल सीटर और 26 दो-सीटर विमान मिलेंगे, जिनमें से अधिकांश का निर्माण डसॉल्ट और भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों के सहयोग से भारत में किया जाएगा.
रक्षा खरीद बोर्ड द्वारा पिछले महीने मंजूरी दी जा चुकी है. हाई लेवल पर एक और मंजूरी मिलने के बाद तकनीकी और वाणिज्यिक वार्ता की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी. इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान इस सौदे को अंतिम रूप दिया जा सकता है. भारतीय वायु सेना वर्तमान में लगभग 30 लड़ाकू स्क्वाड्रन संचालित कर रही है, जो इसकी स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन की क्षमता से काफी कम है, ऐसे समय में जब पाकिस्तान और चीन से खतरे की आशंकाएं बढ़ रही हैं.

क्यों जरूरी है यह डील?
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ-साथ पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक गठबंधन ने क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है. सौदा पूरा होने के बाद भारतीय वायु सेना के पास 150 राफेल विमानों का बेड़ा होगा, साथ ही भारतीय नौसेना के पास 26 विमान होंगे, जिनमें फ्रांसीसी विमानों का विमानवाहक पोत संस्करण शामिल होगा.
राफेल की खासियत
राफेल 4.5 जेनरेशन मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो निम्नलिखित हथियारों से लैस हो सकता है:
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Meteor एयर-टू-एयर मिसाइल
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SCALP क्रूज मिसाइल
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लेजर-गाइडेड बम
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उन्नत एवियोनिक्स और रडार सिस्टम
भारत पहले ही 36 राफेल जेट को वायुसेना में शामिल कर चुका है।
AMCA और तेजस प्रोग्राम का संदर्भ
भारत का स्वदेशी AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) प्रोजेक्ट अभी विकास चरण में है। वहीं, तेजस Mk1A कार्यक्रम इंजन आपूर्ति और अन्य तकनीकी कारणों से अपेक्षाकृत धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में अंतरिम समाधान के तौर पर अतिरिक्त राफेल विमानों की खरीद पर विचार किया जा रहा है।

आगे क्या?
अगर DAC से हरी झंडी मिलती है, तो तकनीकी और वाणिज्यिक वार्ता की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी। मैक्रों के भारत दौरे के दौरान इस सौदे को गति मिलने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अंतिम समझौता कई चरणों की मंजूरी के बाद ही संभव होगा।
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मैक्रों के भारत दौरे से पहले 114 राफेल लड़ाकू विमानों की संभावित डील पर चर्चा तेज। DAC बैठक में रक्षा खरीद प्रस्ताव पर हो सकता है बड़ा फैसला, जानें पूरी रिपोर्ट।
