Gaza Aid News -गाजा पट्टी में सहायता पहुंचाने जा रही अंतरराष्ट्रीय फ़्लोटिला को इजराइली नौसेना ने समुद्र में ही रोक दिया। इस दौरान स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग समेत कई राजनीतिक हस्तियां और एक्टिविस्ट हिरासत में ले लिए गए। यह फ़्लोटिला इज़राइल के गाजा पर लगाए गए ब्लॉकैड को तोड़ने की नवीनतम कोशिश थी, लेकिन इजराइल ने इसे बीच रास्ते में ही रोककर मिशन को विफल कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय जल में रोकी गई कई नावें
फ़्लोटिला के आयोजकों ने बताया कि गाजा समय के अनुसार रात 8:30 बजे (1730 GMT) Alma, Sirius और Adara नामक जहाजों को इजराइली सेना ने अंतरराष्ट्रीय जल में अवैध रूप से रोका और उन पर चढ़ाई की। इसके बाद से कई जहाजों का लाइव स्ट्रीम और संचार पूरी तरह से बंद हो गया।
इजराइल ने दी सफाई, कार्यकर्ता सुरक्षित
इजराइल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि कई जहाजों को सुरक्षित रूप से रोका गया है और सभी यात्रियों को इजराइल के बंदरगाह में ले जाया जा रहा है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि ग्रेटा थनबर्ग और उनके साथी सुरक्षित और स्वस्थ हैं। इससे पहले इजराइली नौसेना ने चेतावनी दी थी कि फ़्लोटिला को ब्लॉकैड वाले पानी में प्रवेश नहीं करना चाहिए।
स्पेन और इटली ने भी दी चेतावनी
फ़्लोटिला पिछले महीने स्पेन से रवाना हुई थी और रास्ते में ट्यूनीशिया में 10 दिन रुकने के बाद 15 सितंबर को फिर आगे बढ़ी। इस दौरान आयोजकों ने ड्रोन हमलों की शिकायत भी की थी। स्पेन और इटली ने पहले ही अपने नौसैनिक सुरक्षा बलों के जरिए जहाजों को चेतावनी दी थी कि वे गाजा के पास घोषित निषेध क्षेत्र में प्रवेश न करें।
इजराइली युद्धपोतों ने किया घेराव
फ़्लोटिला ने दावा किया कि गाजा की ओर बढ़ते समय मुख्य जहाज Alma को इजराइली युद्धपोतों ने आक्रामक तरीके से घेर लिया। वहीं Sirius जहाज को भी उत्पीड़नकारी गतिविधियों का सामना करना पड़ा। आयोजकों ने कहा था कि वे इजराइल की धमकियों के बावजूद अपना मिशन जारी रखेंगे और गाजा तक सहायता पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया
इजराइल की इस कार्रवाई पर कई देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तुर्की के विदेश मंत्री ने इसे आतंकवाद की कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। दक्षिण अफ्रीका ने सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। इटली और ग्रीस ने इजराइल से फ़्लोटिला के सुरक्षित संचालन की गारंटी मांगी। वहीं स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने कहा कि फ़्लोटिला कोई खतरा नहीं है, जबकि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इसे गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया और कहा कि यह अमेरिका के नए गाजा शांति प्रस्ताव को प्रभावित कर सकता है।
गाजा ब्लॉकैड पर बढ़ी बहस
गाजा पर लंबे समय से लगे इजराइली ब्लॉकैड की वजह से यहां मानवीय संकट और गंभीर हो गया है। संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही चेतावनी दी थी कि गाजा अकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। ऐसे में फ़्लोटिला की इस कोशिश ने एक बार फिर गाजा ब्लॉकैड पर वैश्विक बहस को तेज कर दिया है।
