High Security Number Plate राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) न लगाने वालों के खिलाफ दशहरा के बाद से कड़ी कार्रवाई शुरू होने वाली है। नियमों का पालन न करने पर वाहन मालिकों को सीधे घर पर 1000 से 3000 रुपये तक का ई-चालान भेजा जाएगा।
दोपहिया से लेकर भारी वाहनों तक अलग-अलग जुर्माना
दोपहिया वाहन: 1000 रुपये
चारपहिया वाहन: 2000 रुपये
ट्रक/बस/भारी वाहन: 3000 रुपये
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि दशहरे के बाद चालान प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू होगी।
त्योहारी सीजन में घटे HSRP ऑर्डर
त्योहारों के सीजन में लोगों ने नंबर प्लेट बदलवाने की रफ्तार धीमी कर दी है। रायपुर में पहले हर दिन औसतन 4000 नए HSRP ऑर्डर मिलते थे, जो घटकर 800 रह गए। पूरे राज्य में रोजाना 7000 ऑर्डर की जगह अब केवल 2500 ऑर्डर आ रहे हैं।
इसी सुस्ती की वजह से परिवहन विभाग पर दबाव बढ़ा और अब चालान को अनिवार्य किया जा रहा है।
अब तक केवल 15% वाहन बदले नंबर प्लेट
1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में HSRP नंबर प्लेट लगाने का अभियान शुरू हुआ था। कुल वाहन: 52,48,476 अब तक बदले गए नंबर प्लेट: 10,52,343 (14.2%)
छह महीने में इतनी धीमी प्रगति के कारण विभाग ने सड़क पर चालान करने की बजाय अब ई-चालान का फैसला लिया है।
सड़क पर चालान बंद क्यों हुए?
पहले बिना HSRP नंबर प्लेट वाले वाहनों से सड़क पर ही जुर्माना वसूला जा रहा था। लेकिन विवाद बढ़ने पर यह तरीका बंद कर दिया गया। हेलमेट नियम की तरह अब ई-चालान सिस्टम अपनाया जाएगा, ताकि लोग जागरूक होकर खुद नियमों का पालन करें।
लोगों को दी जा रही सुविधाएं
परिवहन विभाग ने नंबर प्लेट बदलवाने के लिए शिविरों और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी है। इसके बावजूद लोग इसे लेकर उदासीन बने हुए हैं।
आरटीओ रायपुर आशीष देवांगन का कहना है कि लोगों को बार-बार समझाने और टोकन देने के बावजूद वे नंबर प्लेट नहीं बदल रहे हैं, इसलिए अब ई-चालान ही समाधान है।
कंपनी ने भी जताई चिंता
HSRP नंबर प्लेट लगाने वाली कंपनी के स्टेट हेड आशीष मिश्रा ने कहा कि पिछले एक महीने में ऑर्डर 75% तक कम हो गए हैं। जबकि यह नियम अनिवार्य है, ऐसे में प्रशासन को सख्ती करनी ही पड़ेगी।
