Chhattisgarh Police Vs Karni Sena -छत्तीसगढ़ में करणी सेना की प्रतिक्रिया: अध्यक्ष राज शेखावत ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, न्यायिक जांच की मांग
क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राज शेखावत ने सूदखोर वीरेंद्र तोमर के जुलूस निकालने का विरोध किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट में करीब 1 घंटे तक लाइव आकर समाज के लोगों से कहा कि छत्तीसगढ़ में कुछ पुलिस अधिकारियों ने गलत किया है। तोमर कोई आतंकवादी था क्या जिसका जुलूस निकाला गया।
उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि क्षत्रिय समाज के लाखों लोग बहुत जल्द रायपुर कूच करेंगे। हम उन पुलिस वालों के घर में भी घुसेंगे जो तोमर के घर के अंदर घुसे थे। इसके अलावा शेखावत ने इस कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है।
वहीं 3 महीने पहले राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने रायपुर में कहा था कि हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का करणी सेना से कोई संबंध नहीं है।

अब जानिए शेखावत के बयान की मुख्य बातें-
पुलिस वालों को कहा- डूब मरो
शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर एक व्यापारी था। उसने लोगों को जरूरत पड़ने पर पैसे दिए। उन पैसों को वापस मांगा। वह व्यापारी था इसी तरह लाखों लोग फाइनेंस का काम करते हैं। लेकिन प्रशासन ने नेताओं के दबाव में आकर उस पर निर्दयता से कार्रवाई की।
वीरेंद्र तोमर को तपती धूप में नंगे पैर हथकड़ियों में जकड़कर ले जाया गया। उसकी तबीयत बिगड़ी है वह रोड पर गिर जाता है तो कुछ पुलिसकर्मी उस पर पैर रखकर खड़े करने की कोशिश करते हैं। ऐसे पुलिसवाले डूब मरो।
पुलिस न्याय और अधिकार दिलाने का काम करती है, लेकिन आप लोग एक निहत्थे व्यक्ति पर पिछले कई महीनों से अत्याचार कर रहे हो।
चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बना, अंडे का ठेला वाला व्यापारी नहीं बन सकता
शेखावत ने कहा कि जब देश में चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है तो क्या अंडे का ठेला लगाने वाला व्यापारी नहीं बन सकता। इसमें किसी को आपत्ति क्या है।
वीरेंद्र तोमर व्यापारी है व्यापार करता है। लाइसेंस लेकर व्यापार करता है। उसने किसी को भी जोर जबरदस्ती में पैसे नहीं दिए हैं। जिसे जरूरत थी वह खुद चल कर आया था। सभी पेपर पर हस्ताक्षर किए थे। फिर इसमें गलत क्या है।

सभी क्षत्रिय तैयार रहे मैं आ रहा हूं, घर में घुसेंगे
शेखावत बोले की मैं छत्तीसगढ़ आ रहा हूं। जितने भी क्षत्रिय है चाहे वह वहां का लोकल हो या बाहर से आया हो या ओबीसी श्रेणी से आता हो। आप सभी तैयार रहिए जो भी अधिकारी, नेता मंत्री इसमें लिप्त होंगे उसके घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा।
जिससे यह किसी पर अत्याचार करने से पहले 100 बार सोचे। वीरेंद्र के छोटे भाई के अपराध के लिए केवल उस पर कार्रवाई करनी थी। लेकिन बड़े भाई उसकी पत्नी और मां को जोड़ दिया। घर में घुसकर झूठे केस बनाए गए। उनसे छेड़छाड़ की गई।

टीआई ने माता-बहनों को मारा
शेखावत ने कहा कि टीआई योगेश कश्यप ने माता बहनों को मारा। उसे शर्म आनी चाहिए। टीआई को किसने अधिकार दिया मारपीट करने का। संविधान में अधिकार है क्या? संविधान कहता है आप आरोपी को गिरफ्तार करो और कोर्ट को सौंप दो। लेकिन पुलिस अधिकारी ने दादागिरी की।
हम भी उसके घर में घुसकर महसूस कराएंगे कि घर परिवार को तंग करने से क्या होता है। आगे शेखावत ने कहा कि SP साहब ये सरकार चली जाएगी लेकिन आप कहा जाओगे। हम जिस तरह से यह मूवमेंट चला रहे हो यह आपको बहुत भारी पड़ेगा। आक्रामकता से आंदोलन होगा।
सभी क्षत्रिय मजबूत डंडा लेकर आना
शेखावत ने सभी क्षत्रियों को कहा कि मजबूत दंडा और केसरिया झंडा लेकर आना। मुंह तोड़ जवाब देना है। SP डॉ लाल उम्मेद सिंह साहब हम आपके ऑफिस में नहीं आएंगे घर पर आएंगे।
हम आरपार वाले हैं। मैं फौजी आदमी हूं, एक फौजी आपको ललकार रहा है। हो सके तो रोक लेना। लाखों की संख्या में आपके घर आ रहे हैं। जितनी पुलिस फोर्स बुलाना है, बुला लेना हमें रोक नहीं पाओगे।
समीर बिश्नोई रानू साहू का जुलूस क्यों नहीं निकला
शेखावत ने सोशल मीडिया में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को दिखाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़े-बड़े घोटाले के आरोपी जेल में बंद थे। इनका क्यों जुलूस नहीं निकाला गया।
तोमर कोई आतंकवादी थोड़ी था जो उसका जुलूस निकाला गया। समीर विश्नोई, रानू साहू जैसे लोगों ने गलत किया बड़े-बड़े घोटाले में नाम आए। इनका जुलूस क्यों नहीं निकाला गया। न्याय सबके लिए एक बराबर हैं।
गृहमंत्री को बोले- प्रधानमंत्री से पूछ लेना राज शेखावत कौन है
राज शेखावत में छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा को कहा कि आपको पूरा मामला पता है। उसके बावजूद आपकी पुलिस ने जबरदस्ती कार्रवाई की। जरूरत पड़ी तो हम आपके बंगले में भी घुसेंगे। मैं गुजरात में रहता हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पूछ लेना राज शेखावत कौन है।
मैंने कई आतंकवादियों को गोली मारी है। स्वाभिमानी फौजी हूं। शेखावत में आगे कहा कि यदि फिर सत्ता का दुरुपयोग किया जाता है तो यह ठीक नहीं होगा। सरकार को अपनी गलती सुधारना चाहिए।
रोहित तोमर को बाप की तरह वीरेंद्र ने पाला है
शेखावत ने कहा कि रोहित तोमर ने मारपीट की थी। तो सामने वाली की भी गलती होगी। पुलिस सही तरीके से जांच करती लेकिन वह वीरेंद्र के पीछे पड़ गई। वीरेंद्र ने रोहित तोमर को एक बाप की तरह पाला है।
रोहित तोमर के पीछे जबरन पड़ गया तो उसका बाप उसके लिए खड़ा नहीं होगा क्या? यदि रोहित ने गलत किया तो FIR दर्ज करते उसे कोर्ट में खड़े करते लेकिन खुद न्याय करने लग गए। अब हम इन प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ RTI लगाएंगे इनके कारनामों को दिखाएंगे।

वीरेंद्र तोमर का पुलिस ने निकाला था जुलूस
बता दें कि 10 नवंबर को रायपुर पुलिस ने सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तोमर को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। कल यानी 14 नवंबर को तोमार की रिमांड खत्म होगी। रायपुर पुलिस ने 5 महीने बाद MP के ग्वालियर से गिरफ्तार किया था।
रायपुर पुलिस ने कोर्ट में पेश करने से पहले 9 नवंबर को वीरेंद्र तोमर का जुलूस निकाला। इस दौरान वीरेंद्र तोमर लंगड़ाते हुए चल रहा था। बनियान फटी हुई थी। कुछ देर बाद वह चलते-चलते रोड पर बेहोश हो गया था। इस दौरान तोमर की पत्नी ने गुस्से में पुलिस से कहा था कि मेरे पति को मार डालो।
वहीं इससे पहले ACCU कार्यालय में वीरेंद्र तोमर से पूछताछ की गई। वीरेंद्र का भाई रोहित तोमर अभी भी फरार है। एक टीम रोहित तोमर की तलाश में जुटी है। दोनों भाइयों पर रायपुर के कई थानों में 16 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें चाकूबाजी, मारपीट, हत्या का प्रयास, धमकी, धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग जैसे मामले शामिल हैं।
3 महीने पहले मकराना ने कहा था- तोमर भाइयों से संबंध नहीं
राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने रायपुर में कहा था कि हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का करणी सेना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा था कि कुछ जगहों पर वीरेंद्र सिंह तोमर द्वारा करणी सेना के नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है।
इसको लेकर संगठन में कार्यकर्ताओं की बैठक भी की गई, जिसमें तय किया गया कि करणी सेना का नाम किसी भी प्रकार से निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि करणी सेना एक सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है। इसका किसी प्रकार की अवैध गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है।
