BJD-BRS boycott voting -उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले BJD और BRS का बड़ा ऐलान
भारत में उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक एक दिन पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजू जनता दल (BJD) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने मतदान से दूर रहने का फैसला किया है। यह मतदान 9 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
दोनों ही दल किसी भी राष्ट्रीय गठबंधन – ना एनडीए और ना ही इंडिया ब्लॉक – का हिस्सा नहीं हैं।
वर्तमान में राज्यसभा में बीआरएस के 4 और बीजद के 7 सांसद हैं, जबकि लोकसभा में इन दलों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
BRS: किसानों की पीड़ा जताने का फैसला
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव (KTR) ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भाग न लेने का निर्णय राज्य में यूरिया की कमी को लेकर किसानों की आवाज उठाने का तरीका है।
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उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों को इस मुद्दे पर विफल बताया।
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KTR ने कहा – “कतारों में लगे किसानों के बीच हाथापाई हो रही है। अगर चुनाव में NOTA का विकल्प होता तो हम वही चुनते।”
BJD: ओडिशा के लोगों के हित पहले
बीजद प्रवक्ता सस्मित पात्रा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक और वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया।
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उन्होंने कहा – “हमारा ध्यान केवल ओडिशा और वहां के साढ़े चार करोड़ लोगों के विकास और कल्याण पर केंद्रित है।”
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बीजद ने साफ किया कि वह एनडीए और इंडिया ब्लॉक दोनों से समान दूरी बनाए रखेगी।

उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया
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उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा होता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के सभी सांसद शामिल होते हैं।
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यह चुनाव संविधान के अनुच्छेद 64 और 68 के प्रावधानों के तहत होता है।
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इस बार इंडिया ब्लॉक ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि एनडीए ने सी. पी. राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है।
गौरतलब है कि 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उपराष्ट्रपति का पद रिक्त हो गया।

