Salma Sultana Murder Case:
कोरबा के चर्चित पत्रकार सलमा सुल्ताना हत्याकांड में कोर्ट की सुनवाई के दौरान एक अहम गवाह ने ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरे मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। गवाह ने अदालत में दावा किया कि कथित तौर पर हत्या के बाद आरोपी मधुर साहू का व्यवहार असामान्य और विचलित करने वाला था।
यह मामला 2018 का है, जिसमें सलमा सुल्ताना की हत्या कर शव को सड़क के नीचे दफनाने का आरोप है। पांच साल तक दबे रहे इस राज का खुलासा 2023 में हुआ था, जब आधुनिक तकनीक की मदद से अवशेष बरामद किए गए।

कोर्ट में क्या कहा गवाह ने?
कोमल सिंह,जो आरोपी मधुर साहू के जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर थी,ने बताया कि घटना वाले दिन सलमा ने उसे शारदा विहार स्थित अपने घर बुलाया था. वहां मधुर और सलमा के बीच विवाद हुआ. गवाह के मुताबिक मधुर ने पहले सलमा का गला दबाने की कोशिश की.

मोबाइल से भेजे गए मैसेज का भी जिक्र
कोमल के अनुसार, हत्या के बाद मधुर ने उससे और मेड सविता से सलमा के मोबाइल से उसके परिजनों को मैसेज भिजवाया “मैं जा रही हूं, मुझे परेशान मत करना” और फिर फोन बंद कर दिया गया. गवाह ने दावा किया कि मधुर के कंप्यूटर में कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें थीं और वह उन्हें ब्लैकमेल करता था. कोमल ने यह भी कहा कि उसने हत्या की जानकारी एक पुलिसकर्मी और सलमा के भाई के दोस्त को दी थी, लेकिन बात मधुर तक पहुंच गई और उसे चुप रहने की धमकी मिली.

पांच साल बाद खुला राज
कत्ल के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से शव को भवानी डबरी के पास बन रही सड़क के नीचे दफना दिया था. सालों तक उस सड़क के ऊपर से हजारों गाड़ियां गुजरती रहीं, लेकिन किसी को पता नहीं चला कि नीचे एक राज दफन है. साल 2023 में जब पुलिस ने आधुनिक तकनीक (GPR और सैटेलाइट) का इस्तेमाल किया, तब जाकर सड़क खोदकर सलमा का नरकंकाल निकाला जा सका.डीएनए टेस्ट के जरिए पुष्टि हुई कि यह सलमा ही थीं. इसके बाद पुलिस ने मधुर साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार किया, जो अब जेल की सलाखों के पीछे हैं.

41 गवाहों के बयान, फैसला जल्द संभव
सरकारी वकील सुनील सोनवानी के मुताबिक, इस केस में अब तक 41 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और महज 10 गवाह बाकी हैं. पुलिस की चार्जशीट और गवाहों के बयानों ने मधुर साहू और उसके साथियों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है. कोमल सिंह राजपूत की यह हालिया गवाही केस की सबसे मजबूत कड़ी मानी जा रही है, क्योंकि वह घटना के समय मौके पर मौजूद थी. अब बाकी गवाहों के बयान और अंतिम बहस के बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी, जिसका पूरा प्रदेश बेसब्री से इंतजार कर रहा है.
