Navodaya Vidyalaya Students Beaten –
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरई गांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों के साथ बर्बर मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि मोबाइल फोन रखने की वजह से शिक्षकों ने छात्रों को कमरे में बंद कर करीब तीन घंटे तक लात-घूंसे, डंडों और जूतों से बेरहमी से पीटा। इस घटना में कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर दो शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है।

मोबाइल मिलने के बाद छात्रों को कमरे में बंद कर पीटा
जानकारी के मुताबिक, नवोदय विद्यालय में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ छात्रों के पास मोबाइल मिलने पर शिक्षकों ने फोन जब्त कर उन्हें प्रिंसिपल ऑफिस में जमा कराया।
इसके बाद आरोप है कि छात्रों को वाइस प्रिंसिपल के कमरे में बुलाकर दरवाजा बंद कर दिया गया और करीब तीन घंटे तक लात-घूंसे, डंडों और जूतों से बेरहमी से पिटाई की गई। यह घटना 21 फरवरी की बताई जा रही है।
छात्रों ने बताई दर्दनाक आपबीती
पीड़ित छात्रों ने बताया कि शिक्षकों ने उन्हें जमीन पर लिटाकर पीटा और गालियां भी दीं।
एक छात्र ने बताया:
“पीयूष सर, मंडलोई सर और गौतम सर ने हमें जमीन पर लिटाकर मारा। जूते और डंडों से भी पीटा गया। प्राइवेट पार्ट पर भी लात मारी गई, जिससे सूजन और दर्द हो गया।”
कक्षा 11वीं के छात्र आदित्य ने बताया कि सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक उन्हें कमरे में बंद रखकर पीटा गया।
बताया जा रहा है कि कुल 8 छात्रों के साथ मारपीट की गई, जिनमें 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र शामिल हैं।
अस्पताल ले जाकर सच छिपाने का आरोप
छात्रों ने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उन्हें नागपुर अस्पताल ले जाया गया और वहां उनसे झूठ बोलने के लिए कहा गया कि चोट खेलते समय लगी है, ताकि स्कूल की बदनामी न हो।

प्रिंसिपल ने कहा – घटना की जानकारी नहीं थी
जब अभिभावकों को घटना की जानकारी मिली, तो वे स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल से शिकायत की। प्रिंसिपल ने शुरुआत में कहा कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है।
इसके बाद छात्रों ने पूरी घटना बताई, जिसमें शिक्षकों पर गंभीर मारपीट का आरोप लगाया गया।
पुलिस ने दर्ज की FIR, दो शिक्षक गिरफ्तार
24 फरवरी को पुलगांव थाना में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपी शिक्षकों:
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पीयूष कुमार
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रविशंकर मंडलोई
को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

अभिभावकों और लोगों में आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि स्कूल, जहां बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, वहां इस तरह की घटना बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
