Kathua Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बादल फटा, चार लोगों की मौत और छह घायल; गांवों में तबाही, सड़कें टूटीं
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। गुज्जरों की बस्ती पर पहाड़ गिरने से चार घर मलबे में दब गए। इस हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि छह लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।
देर रात हुई घटना, गांव का रास्ता बंद
जानकारी के अनुसार, कठुआ जिले के सोफेन इलाके में यह हादसा शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुआ। बादल फटने के बाद पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर बस्ती पर गिरा, जिससे चार घर मलबे में दब गए। साथ ही, करीब 80 फीसदी सड़क बह गई और गांव तक पहुंचने का रास्ता भी बंद हो गया।
भारी बारिश के बीच पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय स्वयंसेवक भी राहत कार्यों में जुटे हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं और छह घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है।

कई गांवों में भूस्खलन
कठुआ थाना क्षेत्र के बागड़ और चांगडा गांवों तथा लखनपुर थाना इलाके के दिलवान-हुतली में भी भूस्खलन हुआ। हालांकि यहां किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। लेकिन लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं।
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान पर
अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश से कठुआ जिले के ज्यादातर जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। उझ नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और जलाशयों से दूर रहने की अपील की है।
कठुआ शहर जलमग्न, लोगों को शरण लेनी पड़ी
बारिश और बादल फटने से कठुआ शहर बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शहर जलमग्न हो गया और कई सड़क संपर्क टूट गए। सभी नदी-नालों में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। शहर के बीच से गुजरने वाली खड्ड के ओवरफ्लो होने से हालात बिगड़ गए, जिससे कई लोगों को घर छोड़कर नर्सिंग होम और अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण लेनी पड़ी।
जोड़, डिलवां और जंगलोट समेत कई इलाकों में भारी नुकसान की खबर है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और बचाव कार्य जारी है।
