जैसे ही यह मामला सामने आया, हिंदू जागरण मंच ने विरोध दर्ज कराया और इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया। संगठन के प्रतिनिधियों ने विधायक रमेश मेंदोला से शिकायत की, जिसके बाद विधायक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महेश और फिरोज दोनों से ठेका वापस ले लिया।
सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद मेले में लगे स्टॉल और झूलों की आईडी चेक की गई और गैर-हिंदू दुकानदारों को हटवा दिया गया।
विधायक समर्थक जीतू यादव ने आरोप लगाया कि ठेका लेने के बाद दुकानों की परमिशन मुस्लिम समाज के लोगों को दी गई थी, जिससे समाज में असंतोष फैलने लगा। उन्होंने कहा कि अब केवल स्थानीय हिंदू परिवारों को ही दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है।
रमेश मेंदोला बीजेपी के वरिष्ठ विधायक और कैलाश विजयवर्गीय के करीबी माने जाते हैं। वह लंबे समय से इंदौर की राजनीति में सक्रिय हैं और कनकेश्वरी गरबा आयोजन से भी जुड़े हुए हैं।
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