Government Land Prices Have Risen By 10 To 100%-
करीब आठ महीनों की देरी के बाद रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइन 20 नवंबर से लागू कर दी गई है। पहले इसे 1 अप्रैल से लागू किया जाना था, लेकिन संशोधन प्रक्रिया के कारण तारीख आगे बढ़ा दी गई थी। नई दरों में कई शहरों और आउटर इलाकों में जमीन की सरकारी कीमत 10% से 100% तक बढ़ गई है।
2017–18 के बाद पहली बार बड़ा बदलाव
पंजीयन विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में अंतिम बार जमीन की गाइडलाइन दरें 2017-18 में बढ़ाई गई थीं। लगभग 8 साल तक रेट स्थिर रहने, और बाजार भाव तेजी से बढ़ने के कारण सरकारी रेट और वास्तविक कीमत में बड़ा अंतर आ गया था।
साथ ही, सड़क किनारे और सड़क से 20 मीटर अंदर की जमीन के दामों में भी भारी असमानता पैदा हो गई थी।
पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल में जमीन की सरकारी कीमत पर 30% की छूट दी थी, जिसे नई सरकार ने पहले ही खत्म कर दिया था। अब करीब डेढ़ साल बाद जमीन की कीमतों में भी वृद्धि कर दी गई है।
नई गाइडलाइन से क्या बदलेगा?
✔ जमीन, मकान, प्लॉट और दुकान खरीदना महंगा
सरकारी दर बढ़ने से बिल्डरों के प्रोजेक्ट भी महंगे होंगे और साथ ही खरीदारों को बैंक लोन भी ज्यादा लेना पड़ेगा।
✔ बायपास सड़कों को पहली बार मुख्य सड़क जैसा दर्जा
अब वार्डों के अंदर से गुजरने वाली बायपास रोड को भी मुख्य सड़क माना गया है।
अब सड़क के दोनों ओर की संपत्तियों की गाइडलाइन कीमत एक समान रहेगी।
✔ वार्ड परिसीमन के आधार पर नई दरें
हाल ही में हुए नगर निगम वार्ड परिसीमन को आधार बनाकर ही नई गाइडलाइन तैयार की गई है। इसलिए कई वार्डों में जमीन की कीमतें सीधे बढ़ गई हैं।
मध्यप्रदेश और तेलंगाना मॉडल लागू
जमीन की सरकारी कीमत तय करने में विभाग ने दोनों राज्यों के मॉडल का अध्ययन किया।
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मध्यप्रदेश में बाजार और सरकारी भाव में भारी अंतर के चलते 150% तक रेट बढ़ाए गए।
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तेलंगाना में भी औसतन 50% तक गाइडलाइन बढ़ाई गई।
रायपुर के आउटर इलाकों में बड़ा असर
सेजबहार, सड्डू, कचना, संतोषी नगर, मठपुरैना, भाठागांव, सरोना, बीरगांव, बोरियाखुर्द-बोरियाकला, ट्रांसपोर्ट नगर, माना, टेमरी सहित कई आउटर एरिया में जमीन की कीमतें 20% तक बढ़ी हैं।
पहले जहां 15–20 लाख में प्लॉट या मकान मिल जाता था, अब कीमतें 1–3 लाख रुपये तक बढ़ जाएंगी।
शहर के इन इलाकों में भी दरें बढ़ीं
जयस्तंभ चौक, कोतवाली क्षेत्र, टाटीबंध से रिंग रोड, कोटा, स्टेशन रोड, सदर बाजार, देवेंद्र नगर, शंकर नगर, डीडी नगर, एमजी रोड, फाफाडीह, खम्हारडीह, खमतराई आदि कई इलाकों में भी 10–20% तक वृद्धि की गई है।
रजिस्ट्री का खर्च बढ़ेगा
जमीन की रजिस्ट्री में कुल खर्च इस प्रकार है:
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स्टांप ड्यूटी – 5.5%
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महिलाओं के लिए छूट – 0.5%
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निगम ड्यूटी – 1%
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पंचायत उपकर – 1%
उदाहरण:
यदि कोई 20 लाख की जमीन खरीदता है, तो उसे कुल मिलाकर लगभग 2 लाख रुपये का रजिस्ट्री खर्च देना होगा।
एक्सपर्ट ओपिनियन: अंकित आनंद (सचिव, आवास एवं पर्यावरण मंत्रालय)
✔ मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक
गाइडलाइन दरें स्थिर रहने से मार्केट रेट और सरकारी रेट में अंतर बढ़ रहा था, जिससे मनी लॉन्ड्रिंग की संभावनाएं बढ़ रही थीं।
✔ किसानों को ज्यादा मुआवजा
भू-अर्जन के दौरान किसानों को बाजार भाव से काफी कम मुआवजा मिलता था। अब दरें बढ़ने से मुआवजा बेहतर मिलेगा।
✔ बैंकों से ज्यादा लोन
गाइडलाइन बढ़ने के बाद अब बैंक जमीन-मकान खरीद पर अधिक लोन दे पाएंगे।
✔ अनावश्यक नियमों में कटौती
पहले गाइडलाइन में 9463 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 5763 कर दिया गया है, जिससे प्रक्रिया सरल होगी।
