Gariband Violence Update-
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र अंतर्गत दूतकैंया गांव में रविवार को हुई हिंसक झड़प के बाद हालात फिलहाल नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं और मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
पुरानी रंजिश से भड़की हिंसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना की जड़ पुरानी रंजिश बताई जा रही है। रविवार को आरोपी आरिफ, अपने दो सहयोगियों इमरान और सलीम के साथ गांव के बाहर मौजूद कुछ ग्रामीणों को निशाना बना रहा था।
आरोप है कि तीनों ने ग्रामीणों को पत्थर, चाकू और अन्य धारदार हथियार दिखाकर डराया-धमकाया और उनके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए और मामला तोड़फोड़ व आगजनी तक पहुंच गया।
उपद्रव के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल
हिंसा के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर पहुंची पुलिस को स्थिति संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी पुष्टि हुई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।
चार FIR, तीन गिरफ्तार
पुलिस ने इस पूरे मामले में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आरिफ समेत उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत विवेचना कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

गांव में अब भी दहशत
हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि डर का माहौल अब भी कायम है। कुछ ग्रामीणों को आशंका है कि आरोपी यदि जमानत पर रिहा हुए तो दोबारा गांव में आकर बदला ले सकते हैं।
इसी कारण कई लोग खुलकर बयान देने से बच रहे हैं।
SP बोले— कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि दूतकैंया हिंसा प्रकरण में कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और विवेचना के आधार पर आगे और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पहले भी विवादों में रहा है गांव
गौरतलब है कि दूतकैंया गांव पहले भी विवादों में रहा है। अप्रैल 2024 में गांव के एक शिव मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी, जिसमें आरिफ को मुख्य आरोपी बनाया गया था। उस समय नाबालिग होने के कारण उसे बाल संप्रेषण गृह भेजा गया था।
बताया जा रहा है कि हाल ही में रिहा होने के बाद उसने दोबारा उन ग्रामीणों को परेशान करना शुरू कर दिया था, जो मंदिर तोड़फोड़ मामले में शिकायतकर्ता या गवाह थे।

