Former Deputy Sarpanch Beaten To Death-बिलासपुर में पूर्व उपसरपंच की हत्या का खुलासा, जमीन विवाद में दो भाइयों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पूर्व उपसरपंच सूर्यप्रकाश बघेल की मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि यह घटना पुराने जमीन विवाद से जुड़ी थी। पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार 6 दिसंबर को सूर्यप्रकाश का शव भैंसाझार के जंगल में मिला था।
गुमशुदगी से हत्या की जांच तक

सूर्यप्रकाश बघेल 4 दिसंबर की सुबह घर से निकले थे, लेकिन देर रात वापस नहीं लौटे। परिजनों ने रतनपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस और परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। घटना के तीन दिन बाद जंगल में उनकी बाइक और पास ही उनका शव मिला।
पुलिस ने तत्काल
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एफएसएल टीम,
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डॉग स्क्वाड
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और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की।
पहली नजर में यह मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया।
जांच में सामने आए दो संदेही

स्थानीय लोगों से पूछताछ और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस की नजर दो भाइयों—रंजीत खांडे (23) और सुधीर खांडे (21)—पर गई। दोनों का सूर्यप्रकाश के साथ जमीन संबंधी विवाद चल रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि दोनों भाई करीब तीन महीने से गांव से बाहर रह रहे थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में उन्होंने विवाद को लेकर हमला करने की बात स्वीकार की।
बरामद हुए सामान और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के बताए अनुसार
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एक मोटरसाइकिल,
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लोहे की पाइप जैसी सामग्री
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और लकड़ी का डंडा
बरामद किया है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पूर्व पद और पृष्ठभूमि
सूर्यप्रकाश बघेल (37) ग्राम भैंसाझार के निवासी थे और पिछले पंचायती चुनाव में पंच निर्वाचित हुए थे। बाद में वे उपसरपंच बने। घटना के दिन वे किसी पेशी के सिलसिले में घर से निकले थे।
