Enlarged Prostate Symptoms: 40 की उम्र के बाद दिखें ये 5 संकेत तो हो जाएं सतर्क, बढ़ सकता है प्रोस्टेट
पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर 40 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों को अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
डॉक्टरों के मुताबिक Benign Prostatic Hyperplasia (BPH) यानी प्रोस्टेट का बढ़ना एक आम समस्या है। इसके शुरुआती संकेत अक्सर पेशाब से जुड़ी आदतों में बदलाव के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें कई लोग बढ़ती उम्र का सामान्य असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
लेकिन इन लक्षणों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि जल्दी इलाज से इस समस्या को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।

प्रोस्टेट बढ़ने के 5 प्रमुख संकेत
1. पेशाब की धार कमजोर होना
अगर पेशाब की धार पहले की तुलना में कमजोर हो गई है या ब्लैडर खाली करने में ज्यादा समय लग रहा है, तो यह प्रोस्टेट बढ़ने का संकेत हो सकता है।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजय पांडे के अनुसार बढ़ा हुआ प्रोस्टेट यूरेथ्रा पर दबाव डालता है, जिससे पेशाब का प्रवाह बाधित हो सकता है।
2. पेशाब शुरू करने में दिक्कत
कई पुरुषों को वॉशरूम जाने पर पेशाब शुरू होने में समय लगता है। इसे अक्सर लोग थकान या पानी की कमी समझ लेते हैं, लेकिन यह भी BPH का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

3. ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने का एहसास
प्रोस्टेट बढ़ने पर व्यक्ति को बार-बार पेशाब जाने की इच्छा हो सकती है, क्योंकि ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता. इससे रोजमर्रा की दिनचर्या और कामकाज भी प्रभावित हो सकता है. हावर्ड हेल्थ के एक रिसर्च के मुताबिक 60 साल से ज्यादा उम्र के 60 प्रतिशत लोग जो बीइंग प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया से प्रभावित हैं, उनको इस तरह की दिक्कत हो सकती है.
4. रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना
अगर किसी व्यक्ति को रात में कई बार यूरिन के लिए उठना पड़ता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. इससे नींद पूरी नहीं हो पाती और दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन या तनाव महसूस हो सकता है.
5. अचानक पेशाब लगना या टपकना
कभी-कभी अचानक यूरिन लगने की तेज इच्छा होती है और उसे रोकना मुश्किल हो जाता है. कुछ मामलों में यूरिन टपकने की समस्या भी हो सकती है, जो प्रोस्टेट बढ़ने का संकेत हो सकता है.

क्या प्रोस्टेट बढ़ना गंभीर हो सकता है?
अगर इन संकेतों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो यह ब्लैडर डैमेज, यूरिन इंफेक्शन या किडनी से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।
भारत में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग आधे पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने की समस्या देखी जाती है।
प्रोस्टेट बढ़ने का इलाज
आज के समय में प्रोस्टेट बढ़ने का इलाज पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है. शुरुआती लक्षणों में दवाइयों जैसे अल्फा-ब्लॉकर्स और 5-अल्फा रिडक्टेज इनहिबिटर्स से राहत मिल सकती है. इसके अलावा वॉटर वेपर थेरेपी जैसी आधुनिक तकनीक भी उपलब्ध है, जिसमें भाप की मदद से प्रोस्टेट के बढ़े हुए हिस्से को छोटा किया जाता है. यह प्रक्रिया बिना बड़े ऑपरेशन के की जाती है और रिकवरी भी अपेक्षाकृत जल्दी हो जाती है.
