Dhamtari IFS Training-
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वन क्षेत्रों में भारतीय वन सेवा (IFS) के 133 प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपना चार दिवसीय फील्ड प्रशिक्षण अध्ययन पूरा किया। यह प्रशिक्षण इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (देहरादून) के वर्ष 2025-26 बैच के अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया था।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अधिकारियों ने “Soil and Water Conservation Measures and Watershed Management Exercise” विषय पर धमतरी वनमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर व्यावहारिक जानकारी हासिल की।
पम्पारनाला और अन्य स्थलों का किया अध्ययन



प्रशिक्षु अधिकारियों ने दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के पम्पारनाला सहित कांसानाला, लकलकीनाला और कुसुमपानी नाला क्षेत्रों का दौरा किया। यहां उन्हें भू-जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों की फील्ड ट्रेनिंग दी गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि किस तरह वैज्ञानिक तरीकों से मिट्टी के कटाव को रोकने, पानी के बहाव को नियंत्रित करने और भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए संरचनाएं बनाई जाती हैं।
चेकडैम और जल संरक्षण संरचनाओं की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को कई प्रकार की संरचनाओं के बारे में बताया गया, जिनमें शामिल हैं:
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ब्रशवुड चेकडैम
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लूज बोल्डर चेकडैम
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गेबियन संरचनाएं
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30-40 मॉडल संरचना
इनका उद्देश्य पानी के बहाव को धीमा करना, मिट्टी का कटाव रोकना और भू-जल स्तर बढ़ाना है। इन प्रयासों से क्षेत्र में अब सालभर पानी उपलब्ध रहने लगा है, जिससे ग्रामीणों को सिंचाई और वन्यजीवों को पानी मिल रहा है।
वन धन विकास केंद्र का भी किया अवलोकन
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुगली स्थित वन धन विकास केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां उन्हें बताया गया कि किस तरह स्थानीय स्तर पर लघु वनोपज जैसे हर्रा, बेहड़ा, त्रिफला, अश्वगंधा, कालमेघ और एलोवेरा से विभिन्न उत्पाद बनाए जाते हैं।
यह केंद्र स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित किया जा रहा है, जहां आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उत्पादों का निर्माण किया जाता है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया मार्गदर्शन
धमतरी के डीएफओ जाधव श्रीकृष्ण सहित कई वरिष्ठ वन अधिकारियों ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वन प्रबंधन, जल संरक्षण और लघु वनोपज प्रसंस्करण के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शालिनी रैना, रायपुर सीसीएफ मणिवासगन एस., दुर्ग सीसीएफ मर्सीबेला सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

