Chhattisgarh Weather Update 17 January:
दो दिन की राहत के बाद छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ठंड ने जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठिठुरन सबसे ज्यादा है। अंबिकापुर में रात का तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वहीं मैदानी इलाकों में रायपुर सबसे ठंडा शहर रहा, जहां माना इलाके में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
इन शहरों में 10 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
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अंबिकापुर – 3.9°C
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रायपुर (माना) – 7.8°C
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दुर्ग – 9.2°C
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पेंड्रा – 9.4°C
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बिलासपुर – 9.6°C
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में 17 जनवरी को शीतलहर चलने की संभावना है। हालांकि अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और उसके बाद न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
क्यों बढ़ी अचानक ठंड?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हाल ही में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और तेज जेट स्ट्रीम के कारण उत्तर भारत की ठंडी हवाएं तेजी से मध्य भारत तक पहुंचीं। इसका असर छत्तीसगढ़ में रात के तापमान में तेज गिरावट के रूप में दिखा।
विशेषज्ञ इसे ऐसे समझाते हैं—
जैसे फ्रिज का दरवाजा खुला रह जाए और पंखा चलने लगे, तो ठंडी हवा दूर तक फैल जाती है। यहां पश्चिमी विक्षोभ फ्रिज और जेट स्ट्रीम पंखे की तरह काम कर रही है।
बच्चों पर ज्यादा असर, हाइपोथर्मिया के बढ़ते मामले
कड़ाके की ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में 400 से ज्यादा हाइपोथर्मिया के मामले सामने आ चुके हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक—
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बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है
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नवजात और सिजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में खतरा ज्यादा
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कई मामलों में बच्चों को NICU और SNCU में भर्ती करना पड़ा

OPD में मरीजों की बढ़ी भीड़
ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-खांसी, वायरल फीवर और सांस संबंधी बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। अंबेडकर अस्पताल में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में 600 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। रोजाना 2000 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
क्या है हाइपोथर्मिया?
हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।
पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।
अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
रायपुर में अलाव, स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
शीतलहर के मद्देनजर रायपुर नगर निगम ने 12 से ज्यादा जगहों पर अलाव जलवाए हैं। मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देश पर जोन अधिकारी रात में फील्ड में तैनात हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों से—
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अनावश्यक यात्रा से बचने
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पूरी तरह गर्म कपड़े पहनने
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बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने
की अपील की है।

ठंड से बचाव के लिए जरूरी सलाह
गर्म पानी से भाप लेना फायदेमंद
अगर बंद नाक की समस्या है तो गर्म पानी से भाप लेना बेहद फायदेमंद है। भाप नाक के जरिए हमारे शरीर में जाकर गर्मी पैदा करती है। नाक में जमा म्यूकस भाप की गर्मी से ढीला हो जाता है, जिससे बंद नाक की समस्या दूर हो सकती है।
इसके लिए एक बाउल में गर्म पानी लें। फिर सिर को एक कॉटन टॉवेल से ओढ़ लें। इसके बाद बर्तन का ढक्कन हटाकर 5 से 10 मिनट तक भाप लें।
गले में खराश होने पर करें नमक-पानी के गरारे
आमतौर पर गले में खराश वायरस के कारण होती है। नमक-पानी के गरारे से इसमें राहत मिलती है। अगर सर्दी-खांसी ज्यादा है तो नमक-पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां भी मिला सकते हैं।
तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो सर्दी-खांसी में काफी आराम पहुंचाते हैं। इसके लिए कम-से-कम एक कप गर्म पानी में एक चौथाई चम्मच नमक घोलकर गरारे कर सकते हैं।
विटामिन C रिच डाइट लें
विटामिन C एंटीऑक्सीडेंट्स का काम करती है, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाती है। विटामिन C की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसके लिए सर्दियों में विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे संतरा, नींबू, आंवला को अपनी डाइट में शामिल करें। इससे न सिर्फ इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होगी, बल्कि वायरल इन्फेक्शन का खतरा भी कम होता है।
अदरक-तुलसी की चाय बेहद फायदेमंद
अदरक और तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़ने में मददगार हैं। इसकी चाय पीने से वायरल इन्फेक्शन से बच सकते हैं।
इसके अलावा तुलसी और अदरक का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। यह शरीर में जमे कफ को बाहर निकलता है। साथ ही सर्दी-ज़ुकाम, खांसी और गले की खराश में आराम दिलाता है।
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