Chhattisgarh toilet man -टॉयलेट मैन की कहानी: बेटी को चाहिए था शौचालय, पिता ने उफनता नाला पार कर सीमेंट ढोया और 3 दिन में बना दिया
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहां एक बेटी ने पिता से घर में शौचालय की मांग की, तो पिता ने उफनते नाले को पार करते हुए सीमेंट की बोरी ढोई और केवल तीन दिनों में ही बेटी के लिए शौचालय बनाकर खड़ा कर दिया।
गांव में सड़क बनी, लेकिन पुल नहीं
यह घटना कोयलीबेड़ा ब्लॉक के घोटिया गांव की है। गांव से बड़गांव की दूरी 6 किमी है। हालांकि, गांव तक सड़क तो बन चुकी है, लेकिन बीच में पड़ने वाले नाले पर अभी तक पुल का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश के दिनों में यही नाला लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।
बेटी ने जताई परेशानी
गांव की 9वीं कक्षा की छात्रा दिव्या ने पिता शत्रुघ्न से कहा कि बरसात के मौसम में खुले में शौच जाना मुश्किल हो रहा है। बेटी की बात सुनकर पिता रातभर सो नहीं पाए। अगले ही दिन उन्होंने शौचालय बनाने का निश्चय कर लिया।
उफनते नाले को पार कर लाए सीमेंट

शत्रुघ्न 6 किमी दूर बड़गांव पहुंचे और वहां से सीमेंट की बोरी खरीदी। नाले तक पहुंचकर उन्होंने बोरी पीठ पर लादी और उफनते पानी को पार किया। इस दौरान वे दो बार लड़खड़ाए भी, लेकिन किसी तरह संतुलन बनाए रखा। दूसरी ओर उनकी बेटी साइकिल लेकर इंतजार कर रही थी। वहां से साइकिल पर सीमेंट गांव तक पहुंचाया गया।
3 दिन में तैयार कर दिया शौचालय
गांव पहुंचकर शत्रुघ्न ने खुद ही काम शुरू किया और मात्र 3 दिन में घर के पास शौचालय बनाकर तैयार कर दिया। यह न सिर्फ उनकी बेटी के लिए बड़ी राहत है, बल्कि गांव के बाकी लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
