Chhattisgarh Salesman Suicide Attempt-
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। गंजपारा स्थित शराब दुकान में कार्यरत सेल्समैन चेतन साहू ने कथित लगातार वेतन कटौती से परेशान होकर आत्महत्या की कोशिश की। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें दुर्ग के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
परिजनों और सहकर्मियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से चेतन की सैलरी में कटौती की जा रही थी और इस बार उन्हें सिर्फ ₹7,000 ही वेतन मिला, जबकि उन पर पारिवारिक जिम्मेदारियों और किस्तों (EMI) का भारी दबाव था।
🧑👩👧 परिवार का आरोप: महीनों से कट रही थी सैलरी
चेतन की मां सरोज साहू ने बताया कि ड्यूटी के बाद जब बेटा घर लौटा तो उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह लगातार उल्टियां कर रहा था। पूछने पर उसने बताया कि उसने जहर खा लिया है।
मां के अनुसार, चेतन के तीन छोटे बच्चे हैं और इस बार फिर से सैलरी कटने के बाद केवल 7,000 रुपये मिले, जिससे वह मानसिक तनाव में था।
💸 दो महीने से वेतन कटौती का आरोप
कर्मचारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है।
दुर्ग जिले की 63 शराब दुकानों में काम करने वाले 350 से अधिक कर्मचारी वेतन कटौती से प्रभावित हैं।
कर्मचारियों के मुताबिक कटौती:
-
सेल्समैन: ₹7,000–₹8,000 तक
-
सुपरवाइज़र: ₹10,000 तक
-
मल्टी-टास्क कर्मचारी: ₹5,000 तक
कर्मचारियों का कहना है कि लगातार कटौती से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
🧾 ‘डैमरेज चार्ज’ के नाम पर सैलरी काटने का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन से कटौती ‘डैमरेज चार्ज’ के नाम पर की जा रही है।
उनका कहना है कि सरकार द्वारा कर्मचारियों का पूरा वेतन प्लेसमेंट एजेंसी BIS को दिया जाता है, लेकिन वही कंपनी राशि काटकर भुगतान कर रही है।
➡️ कर्मचारियों ने वेतन भुगतान में पारदर्शिता की मांग की है।

🏪 63 दुकानें, 350 से अधिक कर्मचारी प्रभावित
दुर्ग जिले में कुल 63 शराब दुकानें संचालित हैं।
हर दुकान में औसतन 5–6 कर्मचारी कार्यरत हैं, इस तरह 350+ कर्मचारी इस वेतन विवाद से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
कई कर्मचारियों ने बताया कि वे कर्ज और EMI तक नहीं चुका पा रहे हैं।
🚨 घटना के बाद प्रशासन और पुलिस सक्रिय
घटना के बाद शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक आबकारी विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सूचना पर दुर्ग तहसीलदार कुलेश्वर दास खुटे अस्पताल पहुंचे और चेतन साहू का मृत्यु-पूर्व बयान (Dying Declaration) दर्ज किया।
तहसीलदार के अनुसार, आगे की स्थिति पर डॉक्टर ही स्पष्ट जानकारी दे पाएंगे।
🏛️ आबकारी विभाग ने BIS पर डाली जिम्मेदारी
जब इस मामले में आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि
“वेतन कटौती प्लेसमेंट एजेंसी BIS द्वारा की जा रही है, इस विषय पर वही बेहतर जानकारी दे सकती है।”
विभाग ने फिलहाल टिप्पणी करने से बचने की बात कही।

💳 किस्तों का दबाव, बढ़ा मानसिक तनाव
पीड़ित के एक दोस्त के अनुसार, चेतन हर महीने करीब ₹9,000 की EMI भरता था।
इस बार सिर्फ 7,000 रुपये सैलरी आने से वह गहरे तनाव में चला गया था।
परिवार और सहकर्मियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और कर्मचारियों के वेतन विवाद की जांच की मांग की है।
📞 BIS कंपनी से संपर्क की कोशिश बेनतीजा
⚠️ नोट
यदि कोई व्यक्ति मानसिक तनाव या आत्मघाती विचारों से जूझ रहा है, तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करें। समय पर मदद जीवन बचा सकती है।

