CG Vidhan Sabha -छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार, 15 दिसंबर को सदन की कार्यवाही के दौरान कई अहम मुद्दों पर जोरदार बहस देखने को मिली। सैनिटरी नैपकिन, वेंडिंग मशीन, इंसीनेशर मशीन, मुख्यमंत्री टावर योजना, बेरोजगारी और धान खरीदी में अव्यवस्था जैसे विषयों ने सदन का माहौल गर्म कर दिया।
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष शिवराज पाटिल को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यवाही की शुरुआत विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष शिवराज पाटिल के निधन के उल्लेख से की। सदन में सभी सदस्यों ने शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिवराज पाटिल ने देश के लिए कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए और उनकी स्मृतियां हमेशा प्रेरणादायक रहेंगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित की गई।
सैनिटरी नैपकिन और इंसीनेशर मशीन पर सवाल, भ्रष्टाचार के आरोप
प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक ने महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से सैनिटरी नैपकिन, वेंडिंग मशीन और इंसीनेशर मशीन को लेकर सवाल पूछे। उन्होंने 2020 से 2023 तक निकाली गई निविदाओं, खर्च की गई राशि और जिलेवार इंस्टॉलेशन की जानकारी मांगी। मंत्री ने बताया कि 2019 से 2023 के बीच करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं, लेकिन विधायक ने जवाब को अपूर्ण बताते हुए जांच की मांग की। बिल्हा के रुआबंदा क्षेत्र में मशीन इंस्टॉलेशन को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए, जिस पर आसंदी ने जांच के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री टावर योजना पर रेणुका सिंह का सवाल, सीएम ने दिया भरोसा
विधायक रेणुका सिंह ने मुख्यमंत्री टावर योजना को लेकर सदन में सवाल उठाया। उन्होंने भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की स्थिति पर जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि फिलहाल मुख्यमंत्री टावर योजना शुरू नहीं हुई है, लेकिन भारत सरकार की वित्त पोषित योजनाओं के तहत टावर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि हर गांव तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाया जाएगा।

बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस का हंगामा, सदन से बहिर्गमन
बेरोजगारी को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा किया। विधायक लखेश्वर बघेल ने पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या और बेरोजगारी भत्ते पर सवाल उठाया। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। विपक्ष का आरोप था कि बजट में प्रावधान होने के बावजूद बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया जा रहा।
धान खरीदी में अव्यवस्था पर भूपेश बघेल का हमला
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से धान खरीदना ही नहीं चाहती। पंजीयन और टोकन पोर्टल की खराबी के चलते किसान भटक रहे हैं। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि किसानों का रकबा घटाया जा रहा है और जानबूझकर ऐसी व्यवस्था बनाई गई है जिससे किसान कम धान बेच सकें।

सियासी हंगामे के बीच आगे भी तीखी बहस के संकेत
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही से साफ है कि आने वाले दिनों में बेरोजगारी, धान खरीदी, कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं को लेकर सदन में राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।

