calculation of 8th Pay Commission -केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार है। सबसे बड़ा सवाल है कि इस बार सैलरी तय करने का फॉर्मूला क्या होगा? सरकारी हलकों से जो संकेत मिल रहे हैं, उसके अनुसार 8th Pay Commission में भी 7वें वेतन आयोग की तरह पे-मैट्रिक्स (Pay Matrix) को ही आधार बनाया जाएगा, लेकिन इसमें नया फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू होगा।
पे-मैट्रिक्स का स्ट्रक्चर क्या है?
7वें वेतन आयोग में 18 लेवल वाला पे-मैट्रिक्स लागू है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया था कि पुराना पे-बैंड और ग्रेड-पे समझने में परेशानी न हो। इसी स्ट्रक्चर को 8वें वेतन आयोग में भी लागू करने की तैयारी है।
👉 सातवें वेतन आयोग का पे-मैट्रिक्स Dr. Wallace Aykroyd Formula पर आधारित है। यह फॉर्मूला बताता है कि केंद्रीय कर्मचारी को न्यूनतम कितना वेतन मिलना चाहिए ताकि उसकी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।
कितना होगा नया बेसिक पे?
वर्तमान न्यूनतम बेसिक पे: 18,000 रुपये
संभावित फिटमेंट फैक्टर: 1.92
नया बेसिक पे = 18,000 × 1.92 = 34,560 रुपये
यानि केवल बेसिक सैलरी में ही 16,500 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ DA, HRA और अन्य भत्ते भी जुड़ेंगे, जिससे कुल सैलरी काफी ज्यादा बढ़ जाएगी।
60,000 रुपये बेसिक पे वालों की कितनी बढ़ेगी सैलरी?
मान लीजिए किसी ग्रुप-बी गैजेटेड ऑफिसर का बेसिक पे अभी 60,000 रुपये है।
मौजूदा बेसिक पे = ₹60,000
संभावित फिटमेंट फैक्टर = 1.92
नया बेसिक पे = 60,000 × 1.92 = ₹1,15,200
DA (55%) = ₹63,360
HRA (मेट्रो सिटी 27%) = ₹31,104
कुल सैलरी = ₹2,09,664 + अन्य भत्ते
यानी जिनकी मौजूदा सैलरी करीब ₹1.10 लाख रुपये है, 8वें वेतन आयोग लागू होने के बाद उनकी सैलरी ₹2.10 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है।
क्यों है अहम 8वां वेतन आयोग?
7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था।
अब 8 साल बाद कर्मचारियों को फिर से बड़े वेतन संशोधन का इंतजार है।
फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम फैसला सरकार और वित्त मंत्रालय लेगा।
📌 मतलब की बात
8th Pay Commission लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी दोगुनी से ज्यादा बढ़ सकती है। खासकर जिनका बेसिक पे अभी ₹60,000 है, उनकी इन-हैंड सैलरी ₹2 लाख रुपये से ऊपर जाने की पूरी संभावना है।
