Breast tumor surgery in ambedkar hospital -दर्द से परेशान होकर अस्पताल आई थी रवांडा की युवती: विदेश से आई 20 साल की युवती के ब्रेस्ट ट्यूमर का अंबेडकर अस्पताल में हुआ सफल ऑपरेशन
रायपुर। राजधानी में रहने वाली अफ्रीका की 20 साल की युवती का अंबेडकर अस्पताल में सफल इलाज हुआ है। युवती के ब्रेस्ट में बेनाइल फाइब्रोएपिथेलियल ट्यूमर था। डॉक्टरों ने बताया कि इस सर्जरी के तहत ट्यूमर को निकालने के बाद मरीज के भावी जीवन, विशेषकर मातृत्व अवस्था पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। युवती पूरी तरह ठीक है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।
अब जानते हैं, सर्जरी करने वाली डॉ. मंजू सिंह से कि उन्होंने कैसे यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन किया।
युवती की उम्र कम, इसलिए सर्जरी चुनौतीपूर्ण
डॉ. मंजू सिंह, एचओडी, जनरल मेडिसिन विभाग ने बताया—
रवांडा (पूर्वी मध्य अफ्रीका) की 20 वर्षीय युवती लेफ्ट ब्रेस्ट में दर्द की परेशानी लेकर अस्पताल पहुंची थी। जांच में पता चला कि उसके ब्रेस्ट में बेनाइल फाइब्रोएपिथेलियल ट्यूमर है। इसके बाद बायोप्सी की गई और सर्जरी प्लान किया गया। यह ऑपरेशन युवती की उम्र कम होने की वजह से काफी चुनौतीपूर्ण था।
डॉक्टरों ने ट्यूमर निकालते समय ब्रेस्ट की कॉस्मेसिस (आकृति और सुंदरता) को मेंटेन रखा। सर्जरी प्रक्रिया में ब्रेस्ट के ट्यूमर और आसपास के टिश्यू को हटाकर ट्यूमर को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया।
इस दौरान यह भी ध्यान रखा गया कि ऑपरेशन के बाद कोई निशान न रहे।
ऑपरेशन टीम में डॉ. मंजू सिंह के साथ डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. मनीष साहू, डॉ. कृतिका, डॉ. तपिश, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. प्रतिभा शाह और डॉ. मंजुलता टंडन समेत अन्य डॉक्टर शामिल रहे।
प्रतिमाह 300-400 केस आते हैं
मेकाहारा के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने कहा कि अंबेडकर अस्पताल में केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देशभर और विदेश से भी मरीज इलाज कराने आते हैं।
वहीं, अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि अस्पताल में प्रतिमाह 300 से 400 ब्रेस्ट से संबंधित समस्याओं के केस महिला डॉक्टरों द्वारा देखे जाते हैं।
👉 इस तरह यह सर्जरी न सिर्फ युवती के लिए जीवनदायी साबित हुई, बल्कि अस्पताल की चिकित्सा विशेषज्ञता और टीमवर्क का भी उदाहरण बनी।
