Chhatarpur News: ठंड से राहत देने पहुंचे कलेक्टर पार्थ जायसवाल, अफरा-तफरी के बीच बीच में ही छोड़ना पड़ा कार्यक्रम
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में कंबल वितरण कार्यक्रम उस वक्त हंगामे में बदल गया, जब जरूरतमंदों के बीच कंबल पाने को लेकर लोग आपस में ही भिड़ गए। कड़ाके की ठंड में राहत पहुंचाने पहुंचे कलेक्टर पार्थ जायसवाल को हालात बिगड़ते देख कार्यक्रम अधूरा छोड़कर लौटना पड़ा।
🚨 कंबल पाने के लिए मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर पार्थ जायसवाल प्रशासनिक अमले के साथ गरीब और असहाय लोगों को कंबल वितरित कर रहे थे। जैसे-जैसे लोगों की भीड़ बढ़ी, वैसे-वैसे हालात बेकाबू होने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक:
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कंबल लेने के लिए लोग आगे बढ़ने लगे
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एक बच्चे को दिए गए कंबल को लेकर विवाद हुआ
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देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और छीना-झपटी में बदल गया
👥 भीड़ हुई अनियंत्रित, प्रशासन परेशान
कुछ ही मिनटों में कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्था और भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोगों ने कलेक्टर को चारों ओर से घेर लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासनिक अमला भीड़ को संभालने की कोशिश करता रहा, लेकिन हालात काबू में नहीं आ सके।

🚗 कार्यक्रम छोड़कर रवाना हुए कलेक्टर
स्थिति बिगड़ती देख कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कार्यक्रम स्थल से निकलना ही सुरक्षित समझा। वे अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए। इसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने किसी तरह हालात संभालने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला शुक्रवार रात का है।
📱 वीडियो वायरल, प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग प्रशासन की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था और कंबल वितरण की तैयारी को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं कुछ यूजर्स इसे अव्यवस्थित व्यवस्था का नतीजा बता रहे हैं।

❄️ ठंड में राहत का प्रयास, लेकिन व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना दिखाती है कि राहत कार्यों के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण कितना जरूरी है। खासकर ठंड के मौसम में जब जरूरतमंदों की संख्या ज्यादा होती है, तब थोड़ी सी चूक भी बड़ा हंगामा खड़ा कर सकती है।

