9 Patients Lost Their Eyesight छत्तीसगढ़ में मोतियाबिंद सर्जरी के बाद 9 मरीजों की आंखों में संक्रमण, रायपुर मेकाहारा में भर्ती
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मोतियाबिंद सर्जरी के बाद एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है।
जिला अस्पताल में ऑपरेशन के कुछ दिन बाद 9 मरीजों की आंखों में संक्रमण हो गया, जिससे उनकी रोशनी कम होने लगी।
सभी को रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
24 अक्टूबर और 8 नवंबर को हुई थी सर्जरी

बीजापुर जिला अस्पताल में 24 अक्टूबर को 8 मरीजों और 8 नवंबर को 1 मरीज का मोतियाबिंद ऑपरेशन हुआ था।
कुछ दिन बाद जब मरीजों को धुंधलापन और सूजन महसूस हुई तो वे दोबारा अस्पताल पहुंचे।
जिला प्रशासन की जानकारी में मामला आने के बाद सभी 9 मरीजों को रायपुर रेफर किया गया।
मेकाहारा अधीक्षक बोले – संक्रमण की वजह साफ नहीं
मेकाहारा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया —
“सभी मरीजों की आंखों में सर्जरी के बाद संक्रमण पाया गया है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गलती डॉक्टरों की है या किसी अन्य वजह से संक्रमण फैला।”
उन्होंने बताया कि 5 मरीजों को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट किया गया है, जबकि 3 मरीजों को एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिए गए हैं।
एक मरीज की आंख सामान्य बताई जा रही है।
तीन सदस्यीय जांच समिति बनी
आयुक्त सह संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम गठित की है, जो 3 दिनों में रिपोर्ट देगी।
बीजापुर की नेत्र विभाग प्रभारी डॉ. रत्ना ठाकुर ने बताया कि
“24 अक्टूबर को 14 मरीजों की सर्जरी हुई थी। पहले निरीक्षण में कोई समस्या नहीं दिखी थी।
दूसरे विजिट में कुछ मरीजों की आंखों में लालिमा और आंसू की शिकायत दिखी, जिसके बाद उन्हें तुरंत रायपुर रेफर किया गया।”
जिन मरीजों की आंखें प्रभावित हुईं
-
अवलम डोग्गा (56) – तर्रेम
-
पुनेम जिम्मो (62) – टीमापुर
-
मडियम मासे (67) – टीमापुर
-
अलवम कोवे (52) – तर्रेम
-
अलवम पोज्जे (70) – टीमापुर
-
बुधनी डोढ़ी (60) – तर्रेम
-
पदम शन्ता (54) – टीमापुर
-
पेड्डू लक्ष्मी (62) – टिमीदी
-
अलवम सोमे (70) – तर्रेम
पहले भी हो चुकी है बड़ी गड़बड़ी
यह पहला मामला नहीं है।
पिछले साल दंतेवाड़ा में भी मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 10 बुजुर्गों की आंखों की रोशनी चली गई थी।
उस मामले में सर्जन डॉ. गीता नेताम, नर्स ममता वेदे और नेत्र सहायक दीप्ति टोप्पो को निलंबित किया गया था।
2011 का आंखफोड़वा कांड
22 सितंबर 2011 को सरकारी लापरवाही के चलते 50 से ज्यादा लोगों की आंखों की रोशनी चली गई थी।
यह घटना बालोद, बागबाहरा और राजनांदगांव-कवर्धा क्षेत्रों में हुई थी।
इस मामले में दुर्ग सीएमओ समेत कई नेत्र सर्जनों को सस्पेंड किया गया था।
यह घटना ‘आंखफोड़वा कांड’ के नाम से चर्चित हुई थी।
मुख्य बिंदु (Highlights):
बीजापुर में मोतियाबिंद सर्जरी के बाद 9 मरीजों की आंखों में संक्रमण
सभी को रायपुर मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया
5 मरीजों की दोबारा सर्जरी, 3 को इंजेक्शन
3 सदस्यीय जांच समिति गठित
1 साल पहले दंतेवाड़ा में भी 10 मरीजों की आंखों की रोशनी गई थी
