8th Pay Commission Fitment Factor:
8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें बढ़ गई हैं। कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने, सालाना इंक्रीमेंट में वृद्धि और मेडिकल सुविधाओं में सुधार सहित कई अहम मांगें सरकार के सामने रखी हैं। 25 फरवरी को दिल्ली में होने वाली नेशनल काउंसिल (JCM) की बैठक में इन मांगों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

फिटमेंट फैक्टर 3.25 करने की मांग, बेसिक सैलरी में होगा बड़ा इजाफा
कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.25 करने की है। अगर सरकार इस मांग को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर ही तय करता है कि नई सैलरी कितनी बढ़ेगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो 3.25 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर यह बढ़कर लगभग 58,500 रुपये तक हो सकती है।
सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 7% करने की मांग
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल 3 प्रतिशत का इंक्रीमेंट मिलता है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 7 प्रतिशत करने या साल में दो बार इंक्रीमेंट देने की मांग की है।
संगठनों का कहना है कि महंगाई और बढ़ते खर्चों को देखते हुए यह जरूरी है, ताकि कर्मचारियों की आय और जीवन स्तर में संतुलन बना रहे।

लीव एन्कैशमेंट और मेडिकल अलाउंस में भी बदलाव की मांग
कर्मचारी संगठनों ने रिटायरमेंट से जुड़े लाभों में भी सुधार की मांग की है:
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लीव एन्कैशमेंट सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने का प्रस्ताव
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CGHS सुविधा नहीं मिलने वाले कर्मचारियों के लिए
फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग
संगठनों का कहना है कि मौजूदा मेडिकल अलाउंस इलाज के बढ़ते खर्च के मुकाबले काफी कम है।
सरकार ने मांगे सुझाव, जल्द बन सकता है अंतिम ड्राफ्ट
नेशनल काउंसिल (JCM) की बैठक में कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेकर एक संयुक्त ज्ञापन तैयार किया जाएगा। इस ज्ञापन को 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा।
बताया जा रहा है कि सभी मांगों पर विचार करने के बाद अंतिम ड्राफ्ट सरकार को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।

कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
हालांकि सरकार ने अभी आधिकारिक तौर पर लागू होने की तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले समय में इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
यदि मांगें स्वीकार होती हैं, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा वित्तीय लाभ मिलेगा।
